श्रीहरिकोटा. 30 सह-उपग्रहों के साथ कार्टोसैट-2 सीरीज के PSLV-C38 ने शुक्रवार सुबह 9.20 मिनट पर आंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी. लॉन्च के वक्त इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने साथी वैज्ञानिकों को बधाई दी। इस लॉन्च के साथ ही इसरो की ओर से कुल स्पेसक्राफ्ट मिशनों की संख्या 90 हो गई.
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| 30 सह-उपग्रहों के साथ कार्टोसैट-2 सीरीज के PSLV-C38 ने शुक्रवार सुबह 9.20 मिनट पर आंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी. (तस्वीर के लिए साभार दूरदर्शन/ट्वीटर) |
सभी उपग्रह का कुल वजन करीब
955 किलोग्राम
धरती के अवलोकन के लिये प्रक्षेपित किए गए 712 किलोग्राम वजनी कार्टोसैट-2 सीरीज के इस उपग्रह के साथ करीब 243 किलोग्राम वजनी 30 अन्य सह उपग्रहों को भी एक साथ प्रक्षेपित किया गया.पीएसएलवी-सी38 के साथ भेजे जा रहे इन सभी उपग्रहों का कुल वजन करीब 955 किलोग्राम है. साथ भेजे जा रहे इन उपग्रहों में भारत के अलावा ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चिली, चेज गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया, ब्रिटेन और अमेरिका समेत 14 देशों के 29 नैनो उपग्रह शामिल हैं.
सरहदों पर रखेगा नजर
भारत की 'आसमान में आंख' और तेज एवं व्यापक होने वाली है क्योंकि कार्टोसैट.2 सीरीज का तीसरा स्पेसक्राफ्ट रक्षा बलों के लिए है। इसरो सूत्रों ने कहा कि इस सीरीज के पिछले उपग्रह का रिसॉल्यूशन 0.8 मीटर था और उसने भारत के पड़ोस की जो तस्वीरें ली उसने भारत को पिछले साल एलओसी के पार सात आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने में मदद दी.इस बार रिसॉल्यूशन 0.6 मीटर है. इसका मतलब है कि वह छोटी चीजों का भी पता लगा सकता है.
