नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में एक आपत्तिजनक पोस्ट के बाद भड़की हिंसा के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बशीरहाट का दौरा करने के लिए दिल्ली से रवाना हुआ। लेकिन उन लोगों को कोलकाता एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। इसके साथ ही कांग्रेस और सीपीआई के साथ कई और पार्टी के नेताओं को भी वहां जाने से रोक दिया गया। ऐसे में लगने लगा है कि बशीरहाट में हुई घटना में ममता बनर्जी कुछ छुपाना चाह रही है। उनके इस तरह के व्यवहार से कुछ ऐसा ही लगता है। राज्यपाल के साथ तानातानी की बात से लेकर गृहमंत्री के सुझाव का नहीं मानना और फिर कई पार्टी के नेताओं को वहां जाने से रोकना ममता की सोच को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है।
इससे पहले कल भाजपा सांसद रूपा गांगुली, 19 अन्यों को तनावग्रस्त बदुरिया जाने के रास्ते में पुलिस ने हिरासत में लिया। भाजपा के दल का नेतृत्व राज्य में पार्टी के अध्यक्ष दिलीप घोष कर रहे थे। इस मामले पर वरिष्ठ जिला अधिकारी ने बताया कि ‘स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। हमने किसी भी प्रतिनिधिमंडल को वहां जाने की अनुमति नहीं दी है क्योंकि इससे समस्या पैदा हो सकती है’।
इसी के साथ वाम मोर्चा विधायक दल के नेता सुजान चक्रबर्ती ने बताया, हमें अशोकनगर के निकट इस आधार पर रोक दिया गया कि हमारे जाने से वहां कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। लेकिन हम वहां कोई राजनीतिक कार्यक्रम के तहत नहीं जा रहे हैं। हम दंगा प्रभावित लोगों से मिलने जा रहे हैं।’ डब्ल्यूपीसीसी प्रमुख अधीर चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के एक दल को इसी आधार पर बारासात क्षेत्र में रोक दिया गया।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बशीरहाट की स्थिति का जायजा लेने के लिए ओम माथुर, मीनाक्षी लेखी, सत्यपाल सिंह और कैलाश विजय वर्गीय की एक कमेटी बनाई और उन्हें भेजा। इस टीम को प. बंगाल के प्रभावित इलाकों का दौरा करना था लेकिन इन लोगों को कोलकाता एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। इस मामले पर बोलते हुए मीनाक्षी लेखी ने कहा, अगर बशीरहाट में सबकुछ नियंत्रण में है तो उन लोगों को क्यों नहीं जाने दिया जा रहा।
तब विवाद गहरा गया जब 11वीं के एक छात्र ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट कर दी। इसके बाद 24 परगना के बादुड़िया इलाके में हिंसा फैल गई और कई दुकानों में आग लगा दी गई। घटना के बाद भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मिला था। इसके बाद राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने ममता बनर्जी को फोन किया, जिसके बाद विवाद गहरा गया। ममता ने आरोप लगाया कि जिस तरह से राज्यपाल ने उनसे बात की उससे वह अपमानजनक है।
बशीरहाट में पिछले दिनों हुए हिंसक वारदात में जख्मी एक व्यक्ति की गुरुवार सुबह आर जी कर अस्पताल में मौत के बाद यह हिंसा थमने पर भी तनाव बरकरार है। वहां दुकान-बाजार बंद हैं। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन दिख रहे हैं। पुलिस व केंद्रीय बल के जवान दिनभर विभिन्न इलाकों में गश्त लगाते नजर आ रहे हैं।
हिंसक वारदातें थमने पर भी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर विभिन्न इलाकों में धारा 144 जारी एवं इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का निर्णय किया है। गृह विभाग की तरफ से कहा गया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में है। खबर है कि केंद्र सरकार की तरफ से हिंसा प्रभावित इलाकों के लिए भेजी जा रही केंद्रीय बल की तीन कंपनियों को राज्य प्रशासन ने हालात काबू में होने का हवाला देकर लेने से इन्कार कर दिया। इन सबके बीच स्थानीय लोग अभी भी डरे-सहमे हैं और घरों से निकलने में कतरा रहे हैं।



