नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी पार्टी का लक्ष्य देश के अंतिम व्यक्ति का विकास है. हमारी पार्टी उसी पर आगे बढ़ रही है. रामनाथ
कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के लिए अमित शाह और पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता हूं. योगी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को मीरा
कुमार को उम्मीदवार बनाना ही था तो वह पिछली बार भी बना सकते थे लेकिन क्योंकि बीजेपी ने कोविंद जी का नाम आगे किया इसलिए लोगों को लड़वाने के लिए कांग्रेस ने मीरा कुमार का चुनाव किया. योगी ने मायावती और लालू यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि इन दोनों की हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी हो गई है.
PM और राजग के मुख्यमंत्रियों एवं पार्टी नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया
राजग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग के मुख्यमंत्रियों एवं पार्टी नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया .इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी मौजूद थे .
राजग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवाद कोविंद के नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर पर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे . हालांकि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्किर और जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मौजूद नहीं थी . नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान मौजूद रहने वालों में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई के पलपीस्वामी भी मौजूद हैं . निर्वाचक मंडल में राजग के घटक दलों के मतों का हिस्सा 48.6 प्रतिशत है और इसके अलावा जदयू, अन्नाद्रमुक, बीजद, टीआरएस जैसे क्षेत्रीय दलों ने भी कोविंद को समर्थन देने की घोषणा की है. कोविंद को 61 प्रतिशत से अधिक मत मिलना तय माना जा रहा है. बहरहाल, 17 विपक्षी दलों ने कल पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को कोविंद के खिलाफ अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाने की घोषणा की .
राष्ट्रपति चुनाव में राजनीति नहीं होनी चाहिए- योगी
इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसपर राजनीति नहीं होनी चाहिए. रामनाथ कोविंद को प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसके लिए सभी जातियां समान हैं. योगी आदित्य नाथ ने कहा कि कांग्रेस को मीरा कुमार को राष्ट्रपति बनाना ही था तो वह पिछली बार भी बना सकती थी. लेकिन नहीं, क्योंकि बीजेपी ने राम नाथ कोविंद का नाम आगे बढ़ाया इसलिए लोगों को लड़वाने के लिए कांग्रेस ने मीरा कुमार को चुना है..
दलगत राजनीति से उपर है राष्ट्रपति का पद
राष्ट्रपति पद के लिए राजग उम्मीदवार राम नाथ कोविंद ने आज कहा कि राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से उपर है और वह उसकी प्रतिष्ठा बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे. 71 वर्षीय कोविंद ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कहा कि वह वर्ष 2015 में जब से बिहार के राज्यपाल बने थे, तब से वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं हैं.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मेरे राज्यपाल बनने से बाद से ही मैं किसी राजनीतिक दल में नहीं हूं. राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से उपर है. मैं सहयोग देने के लिए सभी का आभारी हूं. कोविंद ने जब नामांकन दाखिल किया, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजग के कई मुख्यमंत्री और पार्टी नेता उनके साथ थे . राष्ट्रपति पद के लिए 17 जुलाई को चुनाव होना है. इस चुनाव में उनकी जीत लगभग निश्चित प्रतीत हो रही है.
राष्ट्रपति के उच्च पद की गरिमा बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करूंगा
उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रपति के उच्च पद की गरिमा बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करूंगा. कोविंद ने राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति सभी तीनों दलों का उच्च कमांडर भी होता है. हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है. इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी मौजूद थे. इस दौरान भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे लेकिन गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्किर और जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मौजूद नहीं थीं.
राजग के घटक दलों के अलावा अन्नाद्रमुक, बीजद, टीआरएस और जदयू जैसे क्षेत्रीय दलों ने दलित नेता को समर्थन देने की घोषणा की है. यदि स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो उनकी जीत लगभग तय प्रतीत हो रही है. अगले राष्ट्रपति का चुनाव करने वाले निर्वाचन मंडल में 48.6 प्रतिशत मत राजग के घटक दलों के हैं. कोविंद को 61 प्रतिशत से अधिक मत मिलने की उम्मीद है.
20 जुलाई को होगी मतगणना
भाजपा सूत्रों ने कहा कि कोविंद को 61 प्रतिशत से अधिक मत मिलने की गारंटी है. कुछ क्षेत्रीय दलों ने अपने मत को लेकर अभी फैसला नहीं किया है. यदि उनके भी मत मिलते हैं तो यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए कोविंद के खिलाफ विपक्षी दलों के एक समूह ने लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष एवं दलित नेता मीरा कुमार को कल अपना संयुक्त उम्मीदवार घोषित किया.चुनाव 17 जुला ई को होंगे और मतगणना 20 जुलाई को होगी. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त होगा.
2015 में बिहार का राज्यपाल बनाया गया था
यदि कोविंद को राष्ट्रपति चुन लिया जाता है तो वह सर्वोच्च संवैधानिक कार्यालय का पदभार संभालने वाले दूसरे दलित होंगे. पहले दलित राष्ट्रपति के आर नारायणन थे जो 1997-2002 में राष्ट्रपति भवन में थे. अधिक चर्चा में नहीं रहने वाले 71 वर्षीय कोविंद ने भाजपा में कई संगठनात्मक पद संभाले हैं. उन्हें मई 2014 में राजग के सत्ता में आने के बाद 2015 में बिहार का राज्यपाल बनाया गया था.
बीजेपी का राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक
दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके कोविंद को संभावित उम्मीदवारों की सूची में नहीं माना जा रहा था लेकिन भाजपा द्वारा उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने को राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक समझा जा रहा है. कोविंद की छवि साफ है और 26 साल के उनके राजनीतिक करियर में वह कभी किसी विवाद में नहीं रहे. उनकी दलित छवि उन्हें ऐसे समय में अच्छा राजनीतिक चयन बनाती है जब भगवा दल दलितों को लुभाने की कोशिशों में जुटा है.
